अब OTP नहीं, बायोमेट्रिक से मिलेगा राशन! नियम तोड़ने पर होगी FIR; जानिए कब से लागू

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Last Updated:June 22, 2026, 12:06 IST

Raipur News: रायपुर में राशन वितरण में बड़ा बदलाव हो गया है. अब ओटीपी के जरिए राशन देने की व्यवस्था पूरी तरह बंद कर दी गई है. अब लाभार्थी को खुद दुकान पर आकर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद ही राशन मिलेगा. यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि ओटीपी सिस्टम के जरिए फर्जीवाड़े और राशन के गलत इस्तेमाल की शिकायतें मिल रही थीं.

Ration Card New System: रायपुर में राशन से कई तरह की चीजें बांटने वाले सिस्टम में बड़ा बदलाव किया गया है. अब राशन दुकानों से ओटीपी के जरिए राशन देने की व्यवस्था पूरी तरह खत्म कर दी गई है. पहले कई मामलों में ऐसा होता था कि अगर कोई हितग्राही राशन लेने नहीं आता था, तो उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी के आधार पर भी राशन दे दिया जाता था. लेकिन अब यह तरीका बंद कर दिया गया है. फूड डायरेक्टर ने साफ निर्देश दिए हैं कि अब राशन लेने के लिए लाभार्थी को खुद दुकान पर आना जरूरी होगा. राशन तभी मिलेगा जब कोई अपने अंगूठे का बायोमेट्रिक (Fingerprint) वेरिफिकेशन करेगा. यानी आधार आधारित पहचान के बिना राशन नहीं दिया जाएगा.

यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि ओटीपी सिस्टम का गलत इस्तेमाल हो रहा है. कई जगहों पर ओटीपी के जरिए फर्जी तरीके से चावल और अन्य राशन का लेन-देन किया जा रहा था. कुछ लोग ओटीपी खरीदकर या बेचकर सरकारी राशन को बाजार में बेच देते थे. इससे सरकारी व्यवस्था का गलत इस्तेमाल हो रहा था.

क्या है नई गाइडलाइन
नई गाइडलाइन के अनुसार, जिन राशन कार्ड धारकों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, उन्हें अब सिर्फ आधार ऑथेंटिकेशन करने के बाद ही राशन मिलेगा. अगर कोई शख्स नॉमिनी के जरिए राशन लेता है, तो उसे भी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करना जरूरी होगा. अब ओटीपी से किसी को भी राशन नहीं दिया जाएगा.

हालांकि, कुछ खास परिस्थितियों में छूट दी गई है, जैसे 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग, 10 साल से कम उम्र के बच्चे, एकल निराश्रित व्यक्ति (single destitute person) और दिव्यांग हितग्राही को ओटीपी की लिमिटेड फैसिलिटी दी जा सकती है.

ओटीपी सिस्टम मिलीं गड़बड़ियां
अधिकारियों के मुताबिक, ओटीपी सिस्टम के कारण कई जगहों पर गड़बड़ियां हो रही थीं. कुछ लोग उन लोगों से ओटीपी लेकर, जो खुद राशन नहीं लेते थे, सरकारी चावल को बाजार में बेच देते थे. यह फर्जीवाड़ा खासकर बड़े शहरों में ज्यादा देखा गया. अब सरकार का मानना है कि आधार बेस्ड बायोमेट्रिक सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ेगी और गरीबों को उनका सही हक मिलेगा. नियम तोड़ने वाले राशन दुकान संचालकों पर सख्त कार्रवाई और एफआईआर भी की जाएगी.

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Deepti Sharma

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Raipur,Chhattisgarh

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