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चौखट पर ‘नागफनी’ लगाने की परंपरा, घर के आसपास भी नहीं फटकेगा सांप!

Last Updated:June 23, 2026, 13:06 IST

Snake Prevention Plant: सिकंदर प्रजापति ने लोकल 18 से कहा कि बरसात में जमीन से नमी और भाप निकलने के चलते सांप अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं. ऐसे समय में सांपों के घरों में घुसने की आशंका बढ़ जाती है. ग्रामीणों का विश्वास है कि नागफनी का पौधा लगाने से सांप घर के आसपास भी नहीं फटकते और परिवार सुरक्षित रहता है.

सरगुजा. छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के ग्रामीण इलाकों में लोग सदियों पुरानी परंपरा को जीवित रखे हुए हैं. दरअसल गांव वाले आज भी नागफनी का पौधा घर की चौखट पर लगाते हैं. मान्यता है कि इससे सांप घर के भीतर प्रवेश नहीं करता है. स्थानीय जानकार सिकंदर प्रजापति ने लोकल 18 को बताया कि नागफनी का पौधा उनके यहां वर्षों से लगाया जाता रहा है. बड़े-बुजुर्गों से मिली सीख के अनुसार यह पौधा घर को सांपों के खतरे से बचाने में सहायक माना जाता है. यदि पुराना पौधा सूख जाता है, तो उसकी जगह नया पौधा लगा दिया जाता है.

सिकंदर प्रजापति के अनुसार, बरसात के मौसम में जमीन से नमी और भाप निकलने के कारण सांप अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं. ऐसे समय में उनके घरों में घुसने की आशंका बढ़ जाती है. ग्रामीणों का विश्वास है कि नागफनी का पौधा लगाने से सांप घर के आसपास नहीं आते और परिवार सुरक्षित रहता है.

करैत सांप का सबसे ज्यादा डर
सिकंदर ने आगे बताया कि उनके इलाके में सबसे ज्यादा करैत सांप निकलते हैं. करैत को बेहद जहरीला सांप माना जाता है और इसके काटने पर जान का खतरा बना रहता है. इसी वजह से ग्रामीण सांपों से बचाव के लिए पारंपरिक उपायों को अपनाना आज भी जरूरी समझते हैं.

गमले में लगाएं नागफनी का पौधा
नागफनी का पौधा तैयार करना भी काफी आसान माना जाता है. सिकंदर प्रजापति बताते हैं कि इसे बाजार से या जड़ों सहित छोटे पौधे के रूप में लाया जाता है. पहले इसे गमले में लगाया जाता है और बाद में घर के दरवाजे या चारों कोनों में रोप दिया जाता है.

ग्रामीण संस्कृति का हिस्सा है नागफनी
ग्रामीण क्षेत्रों में नागफनी केवल एक पौधा नहीं बल्कि लोक विश्वास और पारंपरिक ज्ञान का प्रतीक है. आधुनिक दौर में भी कई परिवार इस परंपरा को बनाए हुए हैं और इसे घर की सुरक्षा से जोड़कर देखते हैं.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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Surguja,Chhattisgarh

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